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Showing posts from February, 2021

क्या आपका प्यार आपका सोलमेट भी है ?

        अभी कुछ दिनों पहले ज़िंग टीवी चैनल पर एक कोरियन ड्रामा का प्रसारण शुरू हुआ है उसके कुछ एपिसोड्स देखे तो उसके किरदारों ने मुझे इतना प्रभावित किया कि हर अगला एपिसोड देखने का लालच छोड़ नही पाती और उसी ड्रामा को देखकर मुझे इस लेख को लिखने की प्रेरणा मिली।      ड्रामा चार बहुत ज़्यादा अमीर लड़कों जो कि गहरे दोस्त है और हमेशा साथ रहते है,जिनकी एक झलक पाने के लिये लड़कियां मरती है।लेकिन उनमें से दो दोस्तों को एक ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है जिसके पापा एक ड्राइक्लीनर है।अब आप सोच रहे होंगे कि यकीनन लड़की बहुत ज़्यादा खूबसूरत होगी इसलिये दोनों दोस्त उसको दिल दे बैठे होंगे।लेकिन ऐसा बिल्कुल नही है लड़की दिखने में एकदम साधारण है, हाँ लेकिन उसमें कुछ ऐसी खूबियां है जो बाकी सब लड़कियों से उसे खास बनाती है।वह है उसका निडर व्यवहार जहां भी कुछ गलत होते देखती है उसका विरोध करती है चाहे उसके सामने कितने भी बड़े ओहदे का व्यक्ति क्यों न हो ,बहुत ज़्यादा मेहनती है कभी भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नही करती,सबसे अच्छी खूबी जो  है वह हर परिस्थिति में तथा हर प...

माता-पिता बनने के बाद जीवन में बदलाव।

          मैंने अपने इस लेख में माता-पिता बनने के सफर को अपने शब्दों में बयान करने की कोशिश की है आशा है आप सब को भी अपना सफर याद आ जाये। चाहे किसी दम्पति की लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज शादी के बाद उस लड़के और लड़की के न जाने कितने रिश्ते अपने आप बन जाते है।जैसे शादी होते ही लड़का लड़की से पति-पत्नी हो जाते हैं,लड़की बन जाती है बहु,चाची,भाबी,मासी,मामी और भी न जाने कितने रिश्तों के नाम जुड़ जाते हैं।ठीक उसी प्रकार लड़का भी बहुत सारे नामों से पुकारा जाता है,इतने सारे रिश्तों से जुड़ कर भी उनकी अपनी एक अलग जिंदगी होती है,जिसमें वो कभी लड़ते है झगड़ते है,रूठते है मनाते है,कभी बहस कर लेते है कभी बातचीत बंद कर देते है।लेकिन जिस दिन उन दोनों को पता चलता है कि कोई तीसरा अपना हमारे बीच आने वाला है या यूँ कहे जिस पल उनको पता चलता है कि वह दोनों पति-पत्नी से माता-पिता बनने वाले है उसी पल से उनकी ज़िंदगी बदल जाती है।जिस दम्पति को ये खुशी शादी के कुछ महीनों बाद मिल जाती है उनका तो नही पता लेकिन जिस दम्पति को शादी के बहुत सालों बाद ये खुशी मिलती है उनको तो इतनी ज़्य...

जिंदगी जब हिसाब करती है।

  जो व्यक्ति हमेशा दूसरों की परवाह करता है चाहे वो परवाह मानसिक,भावनात्मक, शारीरिक या आर्थिक किसी भी प्रकार की हो चाहे वह मदद बहुत छोटी सी हो या बड़ी  ऐसा  वह किसी लाभ पाने की आशा से नही करता बल्कि ऐसा करने से उसको आत्मिक शांति और आनंद महसूस होता है।वह देने के सुख को जानता है उस खुशी को वह हर बार जब भी किसी के लिये कछ करता है तो महसूस करता है इसलिये बार- बार  ऐसा  करने के लिये खुद से ही प्रेरित होता है।आपने बहुत बार पढ़ा या सुना होगा जो दोगे वो पाओगे,जो बोओगे वो काटोगे,जिंदगी में हम जो भी बाटते है वही बढ़कर हमे वापस मिलता है चाहे वह प्रेम हो,खुशी हो,सुख हो,सम्मान हो,दुख हो या फिर तिरिस्कर हो।कभी -कभी हम जनमुच्छ कर किसी का दिल दुखा देते है और कभी अनजाने में ही हम किसी के दुख का कारण बन जाते है।जिंदगी हर बात का हिसाब पूरा करती है।हाँ लेकिन एक बात गौर करने वाली ये है कि जरूरी नही की आपने जिसकी मदद आज की है वही आपके लिये तुरन्त कुछ करे या भविष्य में वही व्यक्ति आपके लिये कुछ करे या शायद न भी करे।आज आप जो भी करेंगे वो भविष्य में  चार गुना बढ़कर लौट के वापस आएगा जरूर...