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Showing posts from December, 2020

क्या आपका प्यार आपका सोलमेट भी है ?

        अभी कुछ दिनों पहले ज़िंग टीवी चैनल पर एक कोरियन ड्रामा का प्रसारण शुरू हुआ है उसके कुछ एपिसोड्स देखे तो उसके किरदारों ने मुझे इतना प्रभावित किया कि हर अगला एपिसोड देखने का लालच छोड़ नही पाती और उसी ड्रामा को देखकर मुझे इस लेख को लिखने की प्रेरणा मिली।      ड्रामा चार बहुत ज़्यादा अमीर लड़कों जो कि गहरे दोस्त है और हमेशा साथ रहते है,जिनकी एक झलक पाने के लिये लड़कियां मरती है।लेकिन उनमें से दो दोस्तों को एक ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है जिसके पापा एक ड्राइक्लीनर है।अब आप सोच रहे होंगे कि यकीनन लड़की बहुत ज़्यादा खूबसूरत होगी इसलिये दोनों दोस्त उसको दिल दे बैठे होंगे।लेकिन ऐसा बिल्कुल नही है लड़की दिखने में एकदम साधारण है, हाँ लेकिन उसमें कुछ ऐसी खूबियां है जो बाकी सब लड़कियों से उसे खास बनाती है।वह है उसका निडर व्यवहार जहां भी कुछ गलत होते देखती है उसका विरोध करती है चाहे उसके सामने कितने भी बड़े ओहदे का व्यक्ति क्यों न हो ,बहुत ज़्यादा मेहनती है कभी भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नही करती,सबसे अच्छी खूबी जो  है वह हर परिस्थिति में तथा हर प...

सौंदर्य की परिभाषा

सुंदरता क्या है? किसी को बहती नदी बहुत सुंदर लगती है,किसी को खुला आसामान,किसी को बारिश,किसी को पहाड़िया तो किसी को जानवर  या पेड़-पौधे।ये तो हुई प्राकृतिक  वस्तुएँ अब बात करते है इंसानों की,हम सब अपने जीवन मे या यूँ कहे कि अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में पता नही कितने लोगों से मिलते ‌हैं,उठते हैं,बैठते हैं,बातें करते हैं उनके साथ काम करते हैं लेकिन प्रत्येक व्यक्ति हमको सुंदर नही लगता या अच्छा नही लगता।जिस प्रकार हर इंसान एक दूसरे से अलग होता है उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति में अपनी एक खूबसूरती होती है।जैसे कोई दिखने में सुंदर होगा,किसी का व्यवहार बोहत सुंदर होगा,किसी की लिखावट सुंदर होगी तो किसी की वाणी में मिठास होगी सब  में अलग अलग प्रकार की सुंदरता होती है।इसी प्रकार हर इंसान को हर इंसान पसन्द नही हो सकता। बहुत सारे गुण मिलके एक इंसान को संपूर्ण रूप से सुंदर बनाते है।       आज भी हमारे देश में किसी भी लड़की की सुंदरता को उसके बाकी सभी गुणों से ऊपर रखा जाता है।यदि कोई लड़की सिलाई,कड़ाई,बुनाई,अच्छा खाना बनाने,पढ़ने में होशियार है,बड़ो का हर कहा मानती है,घर के प्रत्ये...

पहचान

  तेरी नाराज़गी की हमेशा वही वजह रही है जिस काम को करने में मुझे खुशी मिली है। सालों से रिश्ता निभाने के खातिर तूने बातें कही और मैंने सुनी है। थक गई हूं अपना वजूद खोते-खोते  अपने टूटे सपनों का बोझ ढोते-ढोते। अब सब्र का बांध टूट चुका है दिल पे लगे ज़ख्म वक्त भर चुका है। अपने जब देते हैं दिल पे चोट उसके सामने फीकी लगती है  दुनिया की हर एक खोट। बेटी, पत्नी और माँ बनके बीता दिया अपना आधा जीवन अब पूरे करने है अपने दिल के छोटे-छोटे अरमान मैं भी बनाऊंगी अब खुद की एक पहचान।