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क्या आपका प्यार आपका सोलमेट भी है ?

        अभी कुछ दिनों पहले ज़िंग टीवी चैनल पर एक कोरियन ड्रामा का प्रसारण शुरू हुआ है उसके कुछ एपिसोड्स देखे तो उसके किरदारों ने मुझे इतना प्रभावित किया कि हर अगला एपिसोड देखने का लालच छोड़ नही पाती और उसी ड्रामा को देखकर मुझे इस लेख को लिखने की प्रेरणा मिली।      ड्रामा चार बहुत ज़्यादा अमीर लड़कों जो कि गहरे दोस्त है और हमेशा साथ रहते है,जिनकी एक झलक पाने के लिये लड़कियां मरती है।लेकिन उनमें से दो दोस्तों को एक ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है जिसके पापा एक ड्राइक्लीनर है।अब आप सोच रहे होंगे कि यकीनन लड़की बहुत ज़्यादा खूबसूरत होगी इसलिये दोनों दोस्त उसको दिल दे बैठे होंगे।लेकिन ऐसा बिल्कुल नही है लड़की दिखने में एकदम साधारण है, हाँ लेकिन उसमें कुछ ऐसी खूबियां है जो बाकी सब लड़कियों से उसे खास बनाती है।वह है उसका निडर व्यवहार जहां भी कुछ गलत होते देखती है उसका विरोध करती है चाहे उसके सामने कितने भी बड़े ओहदे का व्यक्ति क्यों न हो ,बहुत ज़्यादा मेहनती है कभी भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नही करती,सबसे अच्छी खूबी जो  है वह हर परिस्थिति में तथा हर प...

क्या आपका प्यार आपका सोलमेट भी है ?

      


अभी कुछ दिनों पहले ज़िंग टीवी चैनल पर एक कोरियन ड्रामा का प्रसारण शुरू हुआ है उसके कुछ एपिसोड्स देखे तो उसके किरदारों ने मुझे इतना प्रभावित किया कि हर अगला एपिसोड देखने का लालच छोड़ नही पाती और उसी ड्रामा को देखकर मुझे इस लेख को लिखने की प्रेरणा मिली।

    



ड्रामा चार बहुत ज़्यादा अमीर लड़कों जो कि गहरे दोस्त है और हमेशा साथ रहते है,जिनकी एक झलक पाने के लिये लड़कियां मरती है।लेकिन उनमें से दो दोस्तों को एक ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है जिसके पापा एक ड्राइक्लीनर है।अब आप सोच रहे होंगे कि यकीनन लड़की बहुत ज़्यादा खूबसूरत होगी इसलिये दोनों दोस्त उसको दिल दे बैठे होंगे।लेकिन ऐसा बिल्कुल नही है लड़की दिखने में एकदम साधारण है, हाँ लेकिन उसमें कुछ ऐसी खूबियां है जो बाकी सब लड़कियों से उसे खास बनाती है।वह है उसका निडर व्यवहार जहां भी कुछ गलत होते देखती है उसका विरोध करती है चाहे उसके सामने कितने भी बड़े ओहदे का व्यक्ति क्यों न हो ,बहुत ज़्यादा मेहनती है कभी भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नही करती,सबसे अच्छी खूबी जो  है वह हर परिस्थिति में तथा हर प्रकार के लोगों के बीच खुद को कभी भी कुछ और दिखाने की कोशिश नही करती बल्कि हमेशा जो वह है जैसी वह है हमेशा वही बनी रहती है मतलब अपनी वास्तविकता से कभी दूर नही भागती।

दोनों दोस्तों में से एक से वह लड़की प्यार करती है और वह लड़का भी उससे बेहद प्यार करता है किंतु लड़के की माँ बहुत बड़ी कंपनी की मालकिन है इसलिये उनके रिश्ते से खुश नही है और हमेशा लड़के पर तरह-तरह की बंददिशे लगाती है ताकि लड़का लड़की से दूरी बना ले और उनका रिश्ता खत्म हो जाए पर उनकी सबसे बड़ी हार हो जाती है जब वह लड़की जिससे उन्होंने अपने बेटे की जबरदस्ती सगाई करा दी थी वह खुद ये जानने के बाद कि जिससे उसकी सगाई हुई है वह किसी और से बेइंतेहा मोहब्बत करता है शादी के दिन शादी करने से इनकार कर देती है,हालांकि वह खुद भी उस लड़के को बहुत चाहने लगी थी पर वह इस बात को समझ चुकी थी कि सच्चे प्रेम का मतलब किसी को पाना नही बल्कि उसकि खुशी में खुश होना है।


इस ड्रामा की हिरोइन जिससे प्रेम करती है वह भी उससे बहुत प्रेम करता है लेकिन हमेशा उसे ये एहसास होता रहता है कि उसका दोस्त उसकी प्रेमिका के लिये ज्यादा बेहतर है और इस बात को वह अपने दोस्त को कई बार कह भी चुका है किंतु उसका दोस्त उस लड़की से दिल की गहराइयों से प्रेम करते हुए भी हमेशा लड़की की खुशी में अपनी खुशी समझता है।प्रेमी जोड़ा जब भी मिलता है उनके बीच लड़ाई,बहस,और तकरार ही होती है वही जब भी लड़की किसी भी प्रकार की तकलीफ में होती है चाहे वह मानसिक हो,भावनात्मक हो अथवा आर्थिक पता नही कहाँ से वो दूसरा दोस्त एक फरिश्ते के जैसे आकर  उस लड़की के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाए बिना उसकी मदद करके उसके होठों पे मुस्कान लाकर उसके दिल को सुकून दे जाता है।



अब ऐसे हालात में ये समझना बहुत मुश्किल है कि उसका सच्चा प्यार कौन है,वह लड़की जिससे प्रेम करती है क्या वही उसका सोलमेट भी है या जो दूसरा दोस्त जो उससे निस्वार्थ प्रेम करता है और हर मुश्किल

में हमेशा उसके साथ खड़ा रहता वह उसका सच्चा प्रेम और सोलमेट है।

          

          

  एक  इंसान के जीवन में प्यार का महत्व ।


ऐसे ही हालातों का सामना हमसब भी कभी न कभी अपनी जिंदगी में करते है। ये तो आप सब भी जानते है कि हर व्यक्ति के जीवन में प्रेम का क्या स्थान होता है तथा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन मे प्यार कितना जरूरी है। एक सुकून भरी जिंदगी जीने के लिये आपके जीवन में प्यार होना बहुत आवश्यक है।कोई कितना भी अमीर हो या गरीब प्यार की जरूरत सबको अपने जीवन में होती है,यहां तक कि जानवर जो बोल नही पाते वह भी प्यार की भाषा समझते है।  ये कतई जरूरी नही की प्यार केवल प्रेमी प्रेमिका वाला हो,जीवन मे प्यार होना जरूरी है और वह किसी भी रूप में हो सकता है।पिता पुत्र का प्रेम,माँ बेटी का प्यार,दो बहनों का प्यार,दो दोस्तों का प्यार,माता-पिता का अपने बच्चों से प्यार,भाई बहनों का प्यार आदी।इनसब का सीधा सा अर्थ है हमारे जीवन में अच्छे रिश्ते होना बहुत जरूरी है तभी हम मानसिक और भवनात्मक तौर पर खुशी महसूस कर पाते है।एक खुश व्यक्ति ही किसी भी काम को पूरे जोश और ध्यान से करके उसमें सफलता पा सकता है।


सच्चे प्यार को पहचानना कितना जरूरी है ?

प्रत्येक व्यक्ति जीवन में आकर्षण,सहानुभूति और प्रेम को महसूस करता है,किंतु इन तीनों को महसूस करना तो बहुत आसान है परंतु इनमें भेद करना बहुत मुश्किल हो जाता है।इसी कारण कई व्यक्ति आकर्षण और सहानुभूति को प्रेम समझ कर विवाह कर लेते है किंतु जैसे- जैसे एक दूसरे के साथ वक्त बिताते है और एक दूसरे को समझना शुरू करते है तब जाकर उनको एहसास होता है कि ये तो प्रेम था ही नही,ऐसे ही कई बार हम अपनी ज़िंदगी में पहली नज़र का प्यार समझ के किसी व्यक्ति के लिये अपना सर्वस्व उसे सौंप देते है और जब तक अक्ल आती है बहुत देर हो चुकी होती है।ऐसी स्थिति में लड़कियों के साथ बहुत बुरा होता है,क्योँकि हमारे देश में लड़कों की तो हर गलती माफ कर दी जाती है लेकिन यदि लड़की कोई गलती कर दे उसकी सजा उसके परिवार के साथ -साथ समाज भी देता है।यदि प्यार आपने सही व्यक्ति से किया है तो आपकी ज़िंदगी जन्नत हो जायेगी और यदि आपने किसी गलत व्यक्ति से प्यार किया है तो जिंदगी को नर्क बनते भी देर नही लगती।कई बार लड़कियां किसी के प्यार में पागल होकर अपना घर परिवार सब छोड़ आती है जिससे उनको कई भयावह स्तिथियों का सामना करना पड़ता है।

       





 जैसे:-

     कोठे पर बेच दिया जाना,लड़की का दूसरे व्यक्ति को बेच दिया जाना,गलत काम करने के लिये मजबूर कर देना,लड़की को प्यार का झांसा देकर उसका शोषण करना मना करने पर ब्लैकमेल करना,ये सब न भी हो तो लड़की ने यदि घर से भाग के शादी की है तो उसके माता- पिता उससे रिश्ता तोड़ लेते है जिससे उसके पति को उसपर घरेलू हिंसा करने की हिम्मत मिल जाती है।जरूरी नही ये सब हर लड़की के साथ हो,बहुत सी लड़कियों को पति या प्रेमी के रूप में बहुत ही नेक व्यक्ति मिलता है जो उनकी हर इक्छा का आदर करता है तथा अपने प्रेम की खुशबू से उसका सारा जीवन महका देता है।







कई बार लड़के भी किसी रिश्ते में बहुत घुटन महसूस करते है क्योंकि कई लड़कियां भी लड़को को बहुत बुरी तरह प्रताड़ित करती हैं और तब तक उनकी ज़िंदगी मे सुकून नही आता जब तक कोई सही साथी उनको नही मिलती तथा अपने प्यार और अपनेपन से उनके दिल में ज़िंदगी के प्रति सकारात्मकता नही भर देती है।क्योंकि इंसान के तौर पर कोई लड़का हो या लड़की एक खराब रिश्ते में रहना सबके लिये दर्दनाक होता है।


प्यार को महसूस करने के तरीके।

आज के समय में तो प्यार होना और किसी से भी रिश्ता बनाना और तोड़ना इतना आसान काम हो गया है की जैसे लोगों के लिये खेल हो गया है प्यार करना,आज इससे कल उससे,शादी से पहले तक प्रेमी से ,शादी के बाद पति से,कई लोग तो उससे भी आगे शादी शुदा होते हुए भी किसी और से प्यार।पता नही ऐसे लोगों को ज़िंदगी मे कितनी बार प्यार होता है और न जाने उनके पास कितने दिल होते है।


प्यार तो बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत और निजी एहसास है जिसे सिर्फ तभी महसूस किया जा सकता है जब आपने किसी को सच्चे दिल से चाहा हो।प्यार की कोई एक परिभाषा नही दी जा सकती,प्रत्येक व्यक्ति के लिये प्यार की परिभाषा अलग होती है।


किसी के लिये किसी की एक छलक मिल जाना ही प्यार है।

किसी के लिये ज़िंदगी भर किसी की खूबसूरत यादों के साथ जीना प्यार है।

किसी के लिये अपने प्यार को ज़िंदगी भर अपने दिल मे छुपा कर रखना ही प्यार है।

किसी के लिये अपने प्यार के लिये अपनी जान तक दे देना प्यार है।

किसी के लिये किसी के साथ कुछ बातें कर लेना ही प्यार है।

किसी के लिये शारीरिक सुख पा लेना ही प्यार है।

किसी के लिये जो उसे मानसिक और भावनात्मक सम्बल प्रदान करे वह प्यार है।

किसी के लिये अपने प्यार के साथ न होते हुए भी हर पल उसे अपने साथ महसूस करना ही प्यार है।

यूँ कहा जाए कि जितने लोग उतने तरिके है प्यार को महसूस करने के तो कुछ गलत नही होगा।


सच्चा प्यार कैसा होता है ?

मेरी नज़र में आपका सच्चा प्यार या सच्चा साथी  वही हो सकता हैं जो आपके वैसे ही स्वीकार करे जैसे आप हो,आपको आपकी हर कमी तथा खूबी के साथ अपनाए,आपको जरा भी बदलने का प्रयास न करे।आपको आपकी हर पसंद नापसंद से जीने का अधिकार दे,आपकी भावनाओं का सम्मान करें,आप कभी कुछ गलत करे तो एक दोस्त बनकर सही राय दे।

जिससे बात करके आपको बहुत ज्यादा खुशी महसूस हो आपको उससे कुछ भी बोलने से पहले ये सोचना न पड़े की कहूँ या न कहूँ वो मेरे बारे में क्या सोचेगा,जिसके साथ होने पर आपको किसी भी प्रकार का तनाव महसूस न हो कोई डर महसूस न हो,जो आपसे बिना किसी उम्मीद के प्यार करे,जो आपको हमेशा खुश देखना चाहे,वह हर अच्छी तथा हर बुरी परिस्थिति में आपके साथ हो,जो आपके आत्मसम्मान को कभी ठेस न पहुचाये,जिसके साथ होने पर आपको वक्त कैसे बीत गया इसका पता ही न चले,अंत मे सबसे जरूरी गुण वह आपको समझता हो,आपका सम्मान करता हो तथा आप पर विश्वास करता हो।


कई बार जीवन मे आपका सच्चा प्यार आपके बहुत पास होता
है आपके साथ होता है पर आप सही समय पर अपनी खुद की भावनाओं को ही नही समझ पाते और प्यार की तलाश करते-करते हीरे को छोड़ कर किसी पत्थर को चुन लेते है।समय रहते आप सच्चे प्यार रूपी हीरे को पहचान नही पाते और जब आपको पत्थर से चोट लगती है  तब आपको एहसास होता है कि आपने हीरे को खो दिया है,तब पछताने के सिवा दूसरा कोई चारा नही होता।इसलिये जब भी आपका सच्चा प्यार आपके पास हो साथ हो उसे खोने मत दीजिए।


 







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