यदि कोई कामकाजी सुंदर महिला अपने कार्य को बहुत मेहनत सी करती है और ऊंचा मुकाम हासिल करती है तो इसका कारण उसकी सुंदरता को समझा जाता है।भारत मे तो ऐसे रिश्तेदारों की भी कमी नही है जो बात-बात पर सुंदर लड़की को तारीफ कर-कर के चने के झाड़ पे चढ़ा दें और वही दूसरी ओर थोड़ी कम सुंदर लड़की को बात-बात पर वह सुंदर नही है कह-कह कर हीनभावना से ग्रस्त कर देंगे। जब एक ही घर में दो बहनें हो,हालांकि हर बार वह सब जानमुछ के नही करते किंतु बार बार एक कि तारीफ करने से दूसरी का दिल अनजाने में ही हर बार दुखाया जाता है। उसकोमाता-पिता हो या रिश्तेदार यदि बाहर घूमने जाना हो,नॉकरी वाले लड़के का रिश्ता हो,खूबसूरत कपड़े हो तो सुंदर लड़की को बुलाया जायगा और यदी घरेलू कार्य करवाने हो और बेरोज़गार ओर प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले लड़के का रिश्ता हो तो कम सुंदर लड़की को बताया जायगा।ये हमारे भारतीय समाज की सोच यदि लड़की सुंदर नही है तो उसे अपने हर शौक ओर पसन्द नापसन्द में एडजस्ट करना चाहिए,ओर सबसे ज़्यादा दुख तब होता है जब खुद के सदस्य और हमारे मित्र भी ऐसा व्यवहार करते हैं।ऐसा सिर्फ लड़कियों के साथ ही नही होता लड़को के साथ भी होता है,हाँ किंतु उस अधिकता में नही होता जिस प्रकार लड़कियों के साथ होता है।आज के माता-पिता की शिक्षा को लेकर सोच बदली है इसलिए लड़कियों को भी उच्च शिक्षा दिलवाई जाती है, और यदि उच्च शिक्षित लड़की बहुत खूबसूरत और नॉकरीशुदा भी हो तो सोने में सुहागा वाली बात हो जाती है। ऐसी लड़कियों को अपनी शिक्षा,नॉकरी तथा खूबसूरती का इतना ज़्यादा घमंड हो जाता है कि वह अपने से कम पढ़े-लिखे लड़के से विवाह करने में अपना अपमान समझती है ,वह लड़के में अच्छा व्यवहार तथा अच्छी सोच देखने के बजाए हैंडसम तथा उससे भी ज्यादा पैसा कमाने वाला पति चाहती है।ऐसा चाहना गलत नही है किंतु सिर्फ यही देखकर पूरी ज़िंदगी का फैसला लेना कभी-कभी के बार गलत भी साबित हो जाता है।ये तमाम बातें हर लड़की पर लागू नही होती।कई लड़के भी जब शादी के लिए लड़की देखने जाते है तो सिर्फ उसकी बाहरी सुंदरता देखकर इतने अधिक प्रभावित हो जाते है कि रिश्ते के लिये तुरंत हाँ कर देते है,कई बार लड़कों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इन दोनों बातों को उदाहरणों से और उसकेअच्छी तरह से समझा जा सकता है।
उदाहरण एक ---- किसी लड़की ने किसी लड़के से शादी करने के लिए सिर्फ इसलिए हाँ कहा है क्योंकि उसकी सैलरी पैकेज अच्छा है और वह दिखने में बिल्कुल सलमान खान लगता है। कभी-कभी ऐसा होता है ऐसा पति हर छोटी-छोटी बात पर पत्नी का अपमान करता है,पत्नी की पसंद-नापसन्द को कोई तव्वजो नही देते हमेशा पत्नी की भावनाओं को ठेस पहुंचाते रहते है।जिसका नतीजा ये होता है कि लड़की धीरे-धीरे हीनभावना से ग्रस्त हो जाती है।ऐसी पत्नी मानसिक,भावनात्मक तथा आत्मिक तौर पर बहुत घायल हो जाती है साथ ही कई बार अपना आत्मविश्वास भी खो देती है।
उदहारण दो -----किसी लड़के ने किसी लड़की को जीवनसाथी के रूप में सिर्फ इसलिये पसंद किया है क्योंकि लड़की बहुत ज़्यादा खूबसूरत है,कई बार इसका भी खामियाजा लड़के तथा उसके पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। यदि किसी लड़की के दिल में अपने बढ़ो के लिये आदर तथा छोटों के लिए प्रेम न हो,वाणी में मिठास न हो,हमेशा किसी से भी बात करते समय कठोर शब्दों का प्रयोग करके प्रत्येक सदस्य के दिल को चोट पहुंचाए तो ऐसे घर का माहौल शान्तिपूर्ण नही रह सकता ।
दोनों उदाहरण हर लड़के और हर लड़की पर लागू नही होते।
मेरा मानना है कि जब भी किसी के साथ पूरी ज़िंदगी बिताने का सोचो तो उसकी बाहर की सुंदरता के साथ-साथ उसके मन की सुंदरता अर्थात उसकी सोच-विचार आचरण इन सब पर भी एक बार गौर करें उसके बाद ही कोई भी फैसला लें,क्योंकि सुंदरता की कमी को अच्छा व्यवहार पूरा कर सकता है किंतु अच्छे व्यवहार की कमी को सुंदरता कभी पूरी नही कर सकती।
यदि किसी व्यक्ति के दिल में दूसरों के लिए प्रेम है,जिसका दिल दूसरों का दर्द देख कर पिघल जाता है,जो स्वयं का दिल दुखाने वाले के लिए भी अच्छा सोचता है,जिसकी वाणी में रस है,जो बड़ो से आदरपूर्वक तथा छोटों से प्रेमपूर्ण व्यवहार करता है,जिसके दिल में किसी प्रकार का छल- कपट नही है,जो दूसरों की मदद करना जानता है,जो ईमानदार है,किसी को धोखा नही देता,जो दिल मे है वही जुबान पर रखता है तो ऐसा व्यक्ति दिखने में कैसा भी हो लोगों की नज़रों में खुद ब खुद सुंदर बन जायेगा।

Comments
Post a Comment